Virtual reality kya hai, Virtual reality kaise kaam karti hai

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जैसा की में अपने हर टेक आर्टिकल में कहता हूँ की टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में हम दिन दुगनी रात चोगनी तरकी कर रहे है! आये दिन हमे नयी नयी टेक्नोलॉजी, या पुराणी टेक्नोलॉजी नए अवतार में देखने को मिल रही है! इन्ही में से एक है Virtual realty. आज हम इस आर्टिकल के माध्यम से जानेंगे की Virtual reality kya hai और Virtual reality kaise kaam karti hai और भी बहुत कुछ!

Questions:-

  • Virtual reality kya hai (what is Virtual reality)
  • Virtual reality kaise kaam karti hai (virtual reality (VR) technology)
  • Virtual reality history
  • virtual reality se hone bale nuksan

Virtual reality kya hai:-

वर्चुअल रियलिटी एक बनाबटी दुनिया है जिसे कंप्यूटर साइंस (hardware or software) के द्वारा बनाया जाता है और एक यूजर जब उसको एक्सपीरियंस करता है तो उसे लगता है की यह एक सच की दुनिया है जो वो अपनी आँखों से देख और महसूस कर पा रहा है! लेकिन हकीकत में वह उसी स्थान पर है जिस पर पहले था! कंप्यूटर पर, वर्चुअल रियलिटी मुख्य रूप से पांच इंद्रियों में से दो इंद्रियों के माध्यम से अनुभव की जाती है: दृष्टि और ध्वनि।

Virtual reality kya hai, Virtual reality kaise kaam karti haiFor example: मान लो आपने VR Headset पहन लिया है! और उसपे ताजमहल का टूर प्ले कर दिया है तो आपको एसा लगेगा की आप ताजमहल के सामने है! और आप ताजमहल के चारो तरफ जो एक्टिविटी हो रही है! आप सब देख पा रहे है और आपको एसा लगेगा की आप भी उसी दुनिया का एक हिसा हो! लेकिन हकीकत में तो आप वंही पर है जंहा आप थे!

अगर ओस्तो आप कोई 3d गेम खेलते है vr headset पहन कर जैसे मान लो आप deadtriger खेल रहे है! इस गेम में जो शूटर होगा, आपको एसा लगेगा की आप बो शूटर हो! और जैसे जैसे आप इधर उधर देखोगो दोडोगे तो बो चीजे आपसे इंटरेक्ट करेगी और आपको यह लगेगा की आप सचमुच उस गेम का एक हिसा हो!

Virtual reality kaise kaam karti hai:-

जब भी हम किसी टेक्नोलॉजी के बारे में जानते है तो हमें यह भी जानने की इच्छा होती है की आखिर यह टेक्नोलॉजी कैसे काम करती है! अगर हम Virtual reality की बात करे तो यह बहुत सी चीजो पर डिपेंड करता है:

  1. आपके पास VR Headset होना चिहिए: VR Headset में दो लेंस लगे होते है! जब हम device को VR headset में रखने के बाद उसमे देखते है तो हमे एक बड़े परदे का अनुभब होता है! इसमें कोई विडियो प्ले करते है तो हमे एसा लगेगा जो इस विडियो में हो रहा है बह हमारे सामने हो रहा!
  2. एक एसा device होना चाहिए: जिसमे कम से कम HD Display हो जिसकी मदत से हम किसी content को क्लियर देख पायेंगे, डिस्प्ले की कुएलिटी जीतनी अछि होगी, हम virtual reality को उतना ही आछे से अनुभब कर पाएंगे!
  3. content: हमारे पास एक एसा content होना कहिये जिसे हम अपने device पर प्ले कर पायें फॉर example के लिए 360 डिग्री विडियो, 3D गेम्स etc.
  4. एक एसा software या एप्लीकेशन होनी चाहिए जो उस content को प्ले कर सके!
  5. उस device में accelerometers, magnetometers, and gyroscopes सेंसर होने चाहिए जिसकी मदत से हम रियलिटी को अनुभब कर पौयेंगे ! जैसे कोई 360 डिग्री की विडियो देख रहे तो जैसे ही हम दायें बाएं देखने की कोशिश करेंगे तो ये सेंसर software को बताएँगे की आप विडियो का ये बाला हिसा देखाए! यानी जैसे हम रियल लाइफ में इंटरेक्ट कर रहे होते है इन सेंसर की मदत से हमे यह महसूस होता है की हम उस दुनिया (विडियो) मे ऐसा कर रहे है!

जब ये सारी चीजे अपना काम करती है तो हमें virtual reality का अनुभब होता!

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Virtual reality history:

Virtual reality kya hai, Virtual reality kaise kaam karti haiआज की वर्चुअल रियलिटी टेक्नोलॉजीज उन विचारों पर आधारित है! जो 1800 के दशक तक लगभग व्यावहारिक फोटोग्राफी की शुरुआत में थी। 1838 में, पहली स्टीरियोस्कोप का आविष्कार किया गया था! जिसमें एक छवि को प्रोजेक्ट करने के लिए जुड़वां दर्पण का उपयोग किया गया था! अंततः व्यू-मास्टर में विकसित हुआ, 1939 में पेटेंट किया गया और आज भी इसका उत्पादन होता है!

इससे पहले भी, टेक्नोलॉजिस्ट नकली वातावरण विकसित कर रहे थे। 1956 में एक मील का पत्थर सेंसरमा था! मॉर्टन हेलीग की पृष्ठभूमि हॉलीवुड मोशन पिक्चर उद्योग में थी! वह देखना चाहता था कि लोग कैसे महसूस कर सकते हैं कि वे फिल्म में “अंदर” थे!

डेविड एम नासा के जेट प्रोपल्सन लेबोरेटरी (जेपीएल) में नौसेना के virtual reality का निर्माण करने वाले पहले कलाकार बने, जहां वह 1977 से 1 984 तक निवास में कलाकार थे!

वीआर उद्योग ने मुख्य रूप से चिकित्सा, उड़ान सिमुलेशन, ऑटोमोबाइल उद्योग डिजाइन, और सैन्य प्रशिक्षण उद्देश्यों के लिए 1970 से 1990 तक वीआर उपकरणों को provide किया!

Virtual reality se hone bale nuksan: –

आप इससे होने बाले नुक्सान का अंदाजा इसके प्रयोग से ही लगा सकते है! अधिकांश वर्चुअल रियलिटी सिस्टम consumer warnings के साथ आते हैं, जिनमें शामिल हैं: दौरे; बच्चों में विकास संबंधी मुद्दों; यात्रा और गिरावट और टकराव चेतावनी; बेचैनी; दोहराव तनाव की चोट; और चिकित्सा उपकरणों के साथ हस्तक्षेप। Virtual reality kya hai, Virtual reality kaise kaam karti hai

virtual reality के लंबे समय तक उपयोग के कारण कई unwanted symptoms सामने आए हैं, और इन्होंने प्रौद्योगिकी के प्रसार को धीमा कर दिया होगा! उदाहरण के लिए, 1995 में, निंटेंडो ने एक गेमिंग कंसोल जारी किया जिसे virtual boy कहा जाता था! एक headset के रूप में पहना जाता और एक controler से जुड़ा हुआ होता था! virtual boy को अपने नकारात्मक शारीरिक प्रभावों के लिए बहुत आलोचना मिली, जिसमें “चक्कर आना, मतली, और सिरदर्द” शामिल थे! Virtual reality sickness (साइबरिकनेस के रूप में भी जाना जाता है) तब होता है! जब किसी व्यक्ति के Virtual reality में संपर्क होने से लक्षण motion sickness के समान होते हैं! सबसे आम लक्षण general discomfort, headache, stomach awareness, nausea, vomiting, pallor, sweating, fatigue, drowsiness, disorientation, and apathy हैं! अन्य लक्षणों में postural अस्थिरता और retching शामिल हैं!

vr headset में अभी बहुत सुधर हुआ है और हो रहा है, अब इसका इस्तेमाल इतना नुक्सान दायक नहीं है! लेकिन आप अगर कम आयु के है अभी बचे है या आप बीमार है! तो आपको इसका इस्तेमाल बिलकुल नहीं करना चाहिए इससे आपकी हेल्थ और ख़राब हो सकती है! अगर आप एक स्वस्थ व्यक्ति है तो आप इस टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल जरुर कर सकते है लेकिन अपने रिस्क पर!

! Be happy 🙂 and stay healthy!!

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